Wednesday, July 22, 2009

बनारस के घाट पर सूर्य ग्रहण पर जो appadhapi मची वह दुखदाई है। दिल से मैं मृत महिला के लिए प्रयेर करूंगा की उसकी आत्मा को शान्ति मिले। इस पावन मौके पर किसे का मरना वह भी तब जब वह धरम करम करने आई हो तो दुःख होता है, लेकिन इस नियती मान कर चुप बैठे sउरक्षा को जिम्मेदार माने। हलाँकि इस नगरी को मोक्ष की नगरी माना जाता है, लुक्क उसका जो यहाँ आकर अपने प्राण त्याग्ये। लेकिन इस तरह से तो मोक्ष नही मिल सकता, sउरक्षा key लिए जिम्मेदार हैं।

No comments:

Post a Comment